ग्रैच्युटी काटेगी जेब, सैलरी से कटेगा पैसा

ग्रैच्युटी काटेगी जेब, सैलरी से कटेगा पैसा

ग्रैच्युटी के नियम बदल सकते हैं। हो सकता है कि अब नए नियमों के तहत पीएफ की तर्ज पर ग्रैच्युटी के लिए भी आपकी सैलरी से रकम काटी जाए। यानि ग्रैच्युटी को आपकी सीटीसी का हिस्सा बना दिया जा सकता है। अभी तो ये प्रस्ताव के स्तर पर है लेकिन अगर ऐसा होता है तो आपके लिए ये काम का होगा या नुकसान का इस पर आज सीएनबीसी-आवाज़ ने की चर्चा।

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आपके बैंक खाते में आने वाली तनख्वाह कुछ और कम हो सकती है। हो सकता है अब ग्रैच्यूटी की रकम भी आपकी सीटीसी से काटी से जाए। अब तक यह रकम एम्पलॉयर आपको 5 साल की सर्विस पूरी होने पर आभार प्रकट करने के लिए देता है। आमतौर पर ग्रैच्यूटी सीटीसी का हिस्सा नहीं होता है। मगर सोशल सिक्योरिटी कोड के लिए तैयार ड्राफ्ट में ग्रैच्यूटी फंड तैयार करने का प्रस्ताव है। इसके तहत कर्मचारी के वेतन का 2 फीसदी हिस्सा एंप्लायर ग्रैच्यूटी फंड में डालेगा। साफ है अगर ऐसा होता है कि एंप्लायर इसे आपकी सीटीसी का हिस्सा मानेगा, तो आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है।

बता दें कि ट्रेड यूनियन ने ग्रैच्यूटी पाने के लिए 5 साल की सीमा घटाने का प्रस्ताव दिया था। इसके साथ ही कम से कम 10 कर्मचारी की शर्त खत्म करने की सिफारिश भी की है। ग्रैच्युटी भुगतान 15 दिन के वेतन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव भी दिया है। इन प्रस्तावों पर श्रम मंत्रालय ने अब तक फैसला नहीं लिया है। वर्तमान नियमों के मुताबिक 5 साल से कम सर्विस पर ग्रैच्यूटी का लाभ नहीं मिलता है। श्रम मंत्रालय हर साल ग्रैच्युटी देने की योजना पर विचार कर रहा है।

गौरतलब है कि ग्रैच्युटी के लिए कम से कम 5 साल नौकरी जरूरी है और कम से कम 10 कर्मचारी वाली कंपनियों पर ये नियम लागू होता है। 1 साल की सर्विस पर 15 दिनों का वेतन ग्रैच्युटी में जोड़ा जाता है। मूल वेतन और महंगाई भत्ते को जोड़कर ग्रैच्युटी बनती है। वहीं प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए टैक्स फ्री ग्रैच्युटी 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है, अभी 10 लाख रुपये तक की ग्रैच्युटी टैक्स फ्री है। टैक्स फ्री ग्रैच्युटी 20 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी का इंतजार है

धन्यवाद दोस्तों.

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