जुलाई में कैसी रहेगी मंहगाई दर की पूरी जानकारी हिंदी में – मार्केट एक्सपर्ट

जुलाई में रिटेल मंहगाई दर बढ़कर 2.36%

जुलाई में रिटेल मंहगाई दर में बढ़त देखने को मिली है। जुलाई में रिेटेल महंगाई दर जून के मुकाबले 1.54 फीसदी से बढ़कर 2.36 फीसदी रही है। जुलाई में रिटेल मंहगाई दर के 2 फीसदी रहने का अनुमान था। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में कोर मंहगाई दर 3.8 फीसदी से बढ़कर 3.9 फीसदी हो गई है। जून रिटेल मंहगाई 1.54 फीसदी से संशोधित होकर 1.46 फीसदी रही है।

महीने दर महीने आधार पर जुलाई में खाद्य महंगाई दर -2.12 फीसदी से बढ़कर -0.29 फीसदी रही है।

महीने दर महीने आधार पर जुलाई में शहरी इलाकों की महंगाई दर 1.41 फीसदी से बढ़कर 2.17 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में ग्रामीण इलाकों की महंगाई दर 1.59 फीसदी से बढ़कर 2.41 फीसदी रही है।

महीने दर महीने आधार पर जुलाई में दालों की महंगाई दर -21.92 फीसदी से घटकर 24.75 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में सब्जियों की महंगाई दर -16.53 फीसदी के मुकाबले 3.57 फीसदी रही है।

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घर खरीदने वालों को राहत देने की तैयारी!

जेपी इंफ्रा और आम्रपाली जैसे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट में घर खरीदने वालों को राहत देने की तैयारी की जा रही है। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार इन बिल्डर्स के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए इनके एसेट बेच सकती है।

आवाज़ को मिली जानकारी के मुताबिक जेपी इंफ्रा, आम्रपाली में फ्लैट बुक कराने वालों को राहत संभव है। सरकार ग्राहकों को राहत देने के विकल्प पर विचार कर रही है। अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरा करने के लिए एसेट बेचे जा सकते हैं। सरकारी एजेंसियों के जरिए भी प्रोजेक्ट पूरा कराने पर विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर सरकार कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के साथ चर्चा कर सकती है। माना जा रहा है कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकिंग कोड के नियमों के तहत एसेट बिक्री के लिए रास्ता निकाला जा सकता है।

जुलाई में थोक महंगाई बढ़कर 1.88%

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जुलाई महीने में थोक महंगाई में भी बढ़त देखने को मिली है। जुलाई में थोक महंगाई जून के 0.90 फीसदी से बढ़कर 1.88 फीसदी हो गई है। मई थोक महंगाई 2.17 फीसदी से संशोधित होकर 2.26 फीसदी हो गई है। जबकि जुलाई डब्ल्यूपीआई कोर महंगाई दर 2 फीसदी से बढ़कर 2.1 फीसदी रही है।

माह दर माह आधार पर जुलाई में सब्जियों की महंगाई दर -21.16 से बढ़कर 21.95 फीसदी हो गई है। वहीं खाद्य महंगाई जुलाई में महीने दर महीने आधार पर  -1.25 फीसदी से बढ़कर 2.12 हो गई है।

जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की थोक महंगाई दर जून के 2.27 फीसदी से घटकर 2.18 फीसदी पर रही है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में फ्यूल, पावर की थोक महंगाई दर 5.28 फीसदी से घटकर 4.37 फीसदी के स्तर पर रही है।

जुलाई में प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर भी बढ़ी है। महीने दर महीने आधार पर जुलाई में प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई दर -3.86 फीसदी से बढ़कर 0.46 पर रही है। वहीं महीने दर महीने आधार पर जुलाई में चीनी की महंगाई 10.71 फीसदी से घटकर 8.44 फीसदी रही है

कोल इंडिया को ₹2,351.2 का मुनाफा

वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में कोल इंडिया का मुनाफा 2,351.2 करोड़ रुपये हो गया है जबकि इसी तिमाही में कोल इंडिया का  मुनाफा 2,656 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में कोल इंडिया की आय 4.25 फीसदी बढ़कर 20,567.8 करोड़ रुपये रही है। वित्त वर्ष 2017 की पहली तिमाही में कोल इंडिया की आय 19,728.05 करोड़ रुपये रही थी।

साल दर साल आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में कोल इंडिया का एबिटडा 3,552.7 करोड़ रुपये रहा है जबकि इसी तिमाही में कोल इंडिया का   एबिटडा 3,439 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

सालाना आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में कोल इंडिया का एबिटडा मार्जिन 18.4 फीसदी रहा है जबकि जबकि इसी तिमाही में कोल इंडिया का एबिटडा मार्जिन 17.5 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

साल दर साल आधार पर पहली तिमाही में कोल इंडिया की अन्य आय 1,099.2 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,206.6 करोड़ रुपये रही है।

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